
मेघनगर!13 जुलाई से बंद अनास नदी का फिल्टर प्लांट फिर से शुरू कर दिया गया है। इससे जल वितरण भी शुरू किया जा रहा है। शुरुआती बारिश में औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले खतरनाक केमिकल गारिया नाले से होकर अनास नदी के पानी में घुल गए थे। इससे पानी सप्लाई योग्य नहीं बचा था। लंबे इंतजार के बाद एक सप्ताह पहले अनास नदी के इस हिस्से के पानी के नमूने दो विभागों को जांच के लिए भेजे गए थे। गुरुवार को इनकी रिपोर्ट आई और ये बताया गया कि अब गंदगी और खतरनाक केमिकल का स्तर नुकसान जितना नहीं है। इसके बाद प्लांट फिर चालू कर दिया गया है। मेघनगर में सप्लाई भी शुरू हो रही है।
प्लांट बंद होने से नगर में आसपास के दूसरे स्त्रोतों से पानी दिया जा रहा था। ऐसे में लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे थे। मध्य प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड तेजूझ र स्थित रीजनल की इंदौर स्थि लेबोरेटरी और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की भोपाल लेबोरेटरी में सैंपल भेजे गए थे। एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट में केडमियम, क्रोमियम, कॉपर, जिंक, आयरन, मैग्नीज और लेड के अंश नहीं पाए गए। पीएच स्तर भी उचित मिला। अन्य बिंदु भी खतरनाक स्तर के नहीं पाए गए। दूसरी ओर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की वाटर क्वालिटी टेस्टिंग लेबोरेटरी की रिपोर्ट में क्लोराइड, फ्लोराइड का स्तर मानकों के अनुरूप मिला। जीवाणुओं की जांच के लिए टोटल कॉलिफार्म और पेकल कॉलिफॉर्म पानी के सैंपल में नहीं मिले।
10 साल के लिए कंपनी को करना है संचालन
जिले के पेटलावद और अनास नदी फिल्टर प्लांट का पानी अब प्रदूषण मुक्त हो चुका है।
पानी के साथ बहकर आया था दूषित केमिकल
मेघनगर में मार्च में ही नए फिल्टर प्लांट से सप्लाई शुरू की गई थी। शुरुआती बारिश से फैक्ट्रियों से निकलकर यहां-वहां जमा होने वाला घातक केमिकल पहले गारिया नाले में पहुंचा और इसके रास्ते अनास नदी के इंटेकवेल में पहुंच गया। पानी गंदा होने से नगर परिषद ने वितरण रोक दिया था। इसके बाद रसोड़ी और पंचकुई की दो टंकियों से पानी की व्यवस्था की जा रही थी। औद्योगिक क्षेत्र में मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (एमपीआईडीसी) का ट्रीटमेंट प्लांट चालू नहीं होने से ये स्थिति बनी थी। । अब प्लांट भी शुरू हो चुका है। हालांकि इसमें भी फैक्ट्रियों से पूरा केमिकल वेस्ट नहीं पहुंच रहा।’
जल वितरण शुरू कर रहे हैं
अनास नदी फिल्टर प्लांट के पानी की दो जांच रिपोर्ट ओके मिल चुकी है। ऐसे में अब फिर से यहीं से मेघनगर में सप्लाई शुरू कर रहे हैं। केमिकल वेस्ट भी अब नदी में नहीं आ रहा है।
राहुलसिंह वर्मा, सीएमओ, नगर परिषद, मेधनगर
मेघनगर में नए मॉडल के तहत जल वितरण किया जा रहा है। मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और नगर पंचायत को मिलकर काम करना है। ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम 10 साल तक ठेकेदार को देखना है। मेघनगर में अभी कुछ जगह लाइन का काम बचा है और कुछ जगह पानी भी नहीं पहुंच रहा है। अभी जो व्यवस्थाएं हैं, वो पुरानी ड्राइंग और डिजाइन के अनुरूप है। काम होने के बाद और जगह लाइन की जरूरत लगी। इसका काम भी जल्दी पूरा होगा। काम पूरा होने के बाद नगर परिषद
हस्तांतरण लेगी। इसके बाद कंपनी और निकाय के कर्मचारी मिलकर वसूली करेंगे।





