मेघनगर की दो उग्र तपस्वीनी ने 112 दिवसीय श्रेणि तप की आराधना की पूर्ण
रितिक शर्मा/जयेश झामर

आहार की इच्छा छोड़ना बड़ा मुश्किल है, सभी खाने के दीवाने है – पूज्य संयत मुनीजी
मेघनगर!गुरु भक्ति पखवाड़ा के दौरान धर्मदास संप्रदाय के इन 15 गण प्रमुख “धर्म-उदय-मया-अमर-केशव-मोखम-नंद-माधव-चंपा-तारा-किशन-सौभाग्य-सूर्य-अणु-जिनन्द” गुरुओ के जीवन का प्रतिदिन वर्णन किया जो शनिवार को पूर्ण हुआ इस दौरान गुरु के महत्त्व के बारे मे बताते हुए अणु स्वाध्याय भवन मे विराजित अणुवत्स पूज्य संयत मुनीजी ने बताया गुरु का हमारे जीवन मे होना कितना महत्वपूर्ण है गुरु के प्रति समर्पण होना जरुरी है गुरु की आज्ञा मे रहने वालों का उद्दार हो जाता है जो गुरु के हाथ से छूटे उसे डूबना ही है समर्पित भाव से गुरु के साथ चलना गुरु जो कहे उसे बिना संकोच मानना चाहिये एवं तर्क वितर्क नही करना
जो तप करते है उनकी वैयावच एवं उनको साता पहुँचाये ऐसे कार्य करने से पुण्यो कर्म संचित होते है एवं तीर्थंकर गौत्र का बंद होता है
संघ की दो उग्र तपस्वीनी लता गजेंद्र पोरवाल एवं सपना पंकज वागरेचा के 112 दिवसीय श्रेणि तप शनिवार को संपन्न होने पर बहुमान श्रीसंघ द्वारा अभिनदन पत्र एवं संघ की भेंट साथ किया तप की बोली से सिद्धि वागरेचा, स्नेहलता वागरेचा,अंकित पोरवाल ने तपस्वीनियों का बहुमान किया सोनी परिवार और झामर परिवार द्वारा भी तापस्वीनियों को भेट प्रदान की गई प्रभावना गजेंद्र पोरवाल द्वारा वितरित की गई एवं पोरवाल परिवार द्वारा दान राशि की घोषणा भी की गई। संचालन विपुल धोका ने किया






