जो माता-पिता बच्चों को धर्म से जोड़े वो हितेषी है- संयत मुनीजी
रितिक शर्मा/जयेश झामर

राजेंद्र लूणावत ने अपने जीवन में पहली बार 11 उपवास की तपस्या पूर्ण कर पारणा किया
मेघनगर ! आगमो एवं शास्त्रों में लिखित महान चरित्र को जिनवाणी के माध्यम से प्रतिदिन पूज्य मुनीजी द्वारा समझाया जा रहा है इस क्रम में जमाली जी का वर्णन आया है जिसमें जीव को मोक्ष की इच्छा जाग्रत करने के पहले ये समझना जरूरी है की जीव कहा से एवं क्यों आया है जैसे सोना खदान से निकलता है पर जब तक वो शुद्ध नही होगा उसे गहनो का रूप नही मिलेगा वैसे ही जीव अनादी काल से कर्मो से लिप्त है इसलिये धर्म की शिक्षा जरूरी है हम मोह के वशिभूत होने के कारण बच्चों के कॅरियर पर ज्यादा ध्यान देते है बल्कि करेक्टर पर नही.. बच्चों को स्कूल भेजने के लिये कितने प्रयास किये जाते है माता पिता दोनो स्कूल छोड़ने जाते है परन्तु धर्म स्थान पर लाने के लिये बाध्य हो जाते है बिना मन से भी भगवान की वाणी सुने तो जीव धन्य हो जाता है अगर मन से सुने तो उसका क्या कहना जिस प्रकार इत्र की दुकान पर जाकर इत्र नही खरीदे तो भी उसकी महक घर आने तक रहती है इच्छाये अमर वेल के समान है कभी ख़त्म नहीं होती धन कमाने के लिये जीव सभी तकलीफ सहन कर लेता है परन्तु धर्म करने में उसको कई समस्या उत्पन हो जाती है धर्म करने में पुरुषार्थ जरूरी है इसके विपरीत धन कमाने में भाग्य जरूरी है ओर् जहाँ धर्म होगा वहां भाग्य अपने आप चमकेगा मुनि भगवंत ने उक्त उदगार के माध्यम से धर्मसभा को सम्बोधित किया
निरंतर तप आराधना के क्रम में आज सकल जैन संघ के वरिष्ठ सुश्रावक राजेंद्र जी लूणावत ने अपने जीवन मे प्रथम 11 उपवास की तपस्या पूर्ण की एवं पारणा हुआ। तपस्या पर परिवारद्वारा आज की प्रभावना एवं श्री संघ,पाठशाला ओर जीवदया में दान राशी की घोषणा श्री सुजानमल जी लूणावत परिवार द्वारा की गई।
श्री संघ द्वारा शाला,माल,भेट के द्वारा आपका बहुमान किया श्री अर्पितजी सोनी 11,श्री सौरभ जी खेमेसरा 9,श्री अंकितजी लुणावत 5 उपवास की बोली लेकर श्री राजेन्द्र जी का बहुमान किया।
श्रीमती स्नेहलता जी वागरेचा 28,श्रीमती प्रीतीजी धोका, कु. दर्शना जी नाहटा,श्री सुमितजी ब्रिजवानी 26 उपवास के प्रत्यख्यान ग्रहण किये
श्रीमती उर्वशीजी नांदेचा 11,श्री कमलेशजी भंडारी श्री अर्पितजी सोनी,श्रीमती अर्चिता जी सोनी 10,श्रीमती सीमाजी जैन,कु. सिद्धि वागरेचा 9 उपवास,श्री सुरेन्द्रजी कटारिया,श्री राहुलजी वागरेचा,श्रीमती साधनाजी सोनी 8 उपवास श्री सुदर्शन जी मेहता, श्रीमती प्रज्ञा जी भंडारी 7 उपवास,श्रीमती तृप्तिजी बड़ोला 5 उपवास,
तेले की लड़ी में श्रीमती ज्योतिजी संघवी का तेला चल रहा है।
पुज्य श्री के दर्शन,वंदन के लिए आज अहमदाबाद,थांदला, झाबुआ, रतलाम इंदौर,नागदा(धार)महिला मंडल कई श्रावक,श्राविका पधारे सभी के आतिथ्य सत्कार की व्यवस्था श्री संघ द्वारा श्री महावीर भवन पर की गई।
कार्यक्रम का संचालन विपुल धोका ने किया





