
काला चश्मा लगाने वाले की संख्या बढ़ने लगी
मेघनगर , निप्र । इन दिनों नगर सहित कई आसपास में गांवों में आँखों की बीमारी आई फ्लू यानी कंजंक्टिपाईटिस ने अपने पैर तेजी से पसारना शुरु कर दिये है। इस बीमारी के मरीज शासकीय अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में पहुँच रहे हैं उपरोक्त विषय में शासकीय अस्पताल में भी लगातार मरीजों की संख्या तो बढ़ रही है लेकिन जन जागरूकता की कमी के चलते लोग लगातार इसका शिकार हो रहे हैं उपरोक्त विषय में बीएमओ डा. विनोद नायक ने बताया कि जल्द ही दस्तक अभियान के तहत आमजन तक अलर्ट रहने हेतु संदेश प्रेषित कर दिया जाएगा ताकि लोग बीमारी से बचाव कर सकें
क्या है लक्षण:
मेघनगर में पाये गये मरीजों में आँखों की बीमारी के जो लक्षण सामने आयें हैं उनमें आँखों में जलन महसूस होना, आँखें एकदम लाल सुर्ख होना, आँखों से पानी आना, गीचड़ आना, आँखों में चुभन महसूस होना, आँखों में सूजन आना और उनमें दर्द होना सामने आयें हैं । सोमवार को इस बीमारी के महज 4 मरीज शासकीय अस्पताल पहुँचे थे। परन्तु मंगलवार को यह आंकड़ा तेजी से बड़कर 20 पर पहुँच गया है। यह आंकड़ा तो महज शासकीय अस्पताल का है। वहीं निजी आंखों के अस्पतालों और अन्य डॉक्टरों के पास भी इस बीमारी से ग्रसित मरीज पहुँच रहे हैं। जिसका आँकड़ा करीब 500 से 700 पार कर चुका है।
क्या बरतें सावधानी : इस बीमारी से ग्रसित मरीज से दूरी बनाकर रखें, मरीज के कपड़े, रुमाल, टावेल आदि को दुसरे लोग उपयोग ना करें, छोटे बच्चों में तुरन्त डॉक्टर से सलाह लेवें । अगर यह बीमारी है तो उन्हें स्कूल नहीं भेजें, काला चश्मा लगाकर रखें, रुई में गरम पानी लेकर आँखों को अच्छे से सॉफ करें एवं आई ड्रॉप समय पर डाले। यह बीमारी अधिकांश तौर पर छूने से फैल रही है । इसलिए जैसे कोरोना के समय सर्तकता बरती गई थी। ठीक उसी तरह बार बार हाथ धोंए, मरीज से दूरी बनाये, मरीज के कपड़ों को स्वयं उपयोग ना करें। मरीज के जरुरी है। कपड़ों को गरम पानी से धोंए ।

क्या कहना है
“ये एक प्रकार का वाइरल है जो तेजी से फेल रहा है ओर ठीक भी हो रहा है इसमें बार बार आँखे धोना जरूरी नहीं है आँखो में जलन या दर्द होने पर पेन किलर ले सकते है ओर ज्यादा तकलीफ होने पर नेत्र चिकित्सक की सलाह जरूर लेवे”
डॉ. ईश्वर पाटीदार
निजी नेत्र चिकित्सक(जीवन ज्योति अस्पताल)
“स्वास्थ विभाग द्वारा जो दस्तक अभियान का प्रथम चरण चल रहा है इसमे सभी मैदानी कार्यकर्ताओ को आज विशेष रूप से सूचित कर दिया गया है की गांव गांव हर घर अगर जो नेत्र संक्रमण मरीज मिले उन्हे नदी नाले के पानी से आँखे ना धोने की सलाह दे व ऐसे मरीजों को समुदायिक स्वस्थ केंद्र भेजे एवं रोकथाम के उपाय बतावें”
डॉक्टर विनोद नायक

खण्ड चिकित्सा अधिकारी मेघनगर





