
मेघनगर ! वन्दे गुरु उमेशाचार्य-कान-जिनेंद्र
युवा तपश्वि श्री कविन्द्रजी धोका के 31 उपवास का तप अभिनंदन मेघनगर श्री संघ में तप त्याग से मनाया गया।
स्वाध्याय श्री वीरेंद्र जी मेहता ने प्रवचन के द्वारा तपश्वि के गुणगान किये
श्री कविन्द्रजी धोका का लगातार पांचवा मासखमण तप
कविन्द्रजी धोका ने सभी मासखमण चतुर्मास के पूर्व ओर गुप्त में किये।
तप महोत्सव पर चोवीसीओर प्रभावना का आयोजन सुरेशचंद्रजी धोका परिवार ने किया।
तपश्वि का बहुमान श्री चाँदमलजी चोरडिया 11उपवास,श्री यशवन्त जी बाफना 8 उपवास, श्री विपुल धोका एकासन के वर्षीतप से बहुमान किया गया
श्री संघद्वारा शाल, माला चांदी के नारियल से बहुमान किया गया।
तप अभिनंदन पर सामूहिक निवि का आयोजन किया गया 50 श्रावक, श्राविका ने निवि तप की आराधना की।
श्री सुरेशजी कुँवड, एवं श्रीमती स्वाति धोका ने स्तवन के द्वारा तपश्वि का अभिवादन किया।
संचालन विनोदजी बाफना द्वारा किया गया






