
मेघनगर! 8 अगस्त से शुरु हो रही भव्य सिद्धि तप आराधना के शुभारम्भ में आशीर्वाचन प्रदान करते हुए पूज्य अणुवत्स ने फरमाया जीवन में तप का क्या महत्व है पूर्व भव में जितनी आयुष्य बांधी है वो इस भव में भोगना पड़ेगी क्या भरोसा इस जीवन का कोन कब कहा सो जाये! धर्म आज नही कल कर लूंगा जो ये सोचता है वो भूल में है जीतनी जिंदगी मिली है उसका हर पल सार्थक बनाना है! मृत्यु के साथ किसकी मित्रता मृत्यु आये तो कोई भाग नही सकता मृत्यु को कोई टाल नही सकता छोड़ने से दुःख की छूटे तो दुःख एक लाख का दान दे तो दुःख की एक हजार घूम जाये तो दुःख! कर रहे सिद्धि तप की आराधना भगवान पार जरूर उतारना के सम्बोधन के साथ पूज्य मुनि श्री ने फरमाया अनंत जीवो ने तप करके सिद्धि पाई है हमे भी कर्म निर्जरा करने का सुनहरा अवसर आया है।तप के साथ जप जरूरी है।पुज्य श्री ने जप की पूरी क्रिया प्रवचन के माध्यम से सभी को फरमाई।
करीब 150 तप आरधको के नाम श्री संघ को प्राप्त हुए सभी तप आरधको की धारणा श्री महावीर भवन पर रखी गई है। मेघनगर सकल श्री संघ, अगराल ,कल्याणपुरा, रंभापुर श्री संघ के श्रावक, श्राविका तप आराधना से जुड़ रहे है।
धारणा के लाभार्थी श्रीमती मिश्रीबाई, प्रवीणजी, विजेन्द्रजी, अभयजी सोनी परिवार ने लाभ लिया है।
श्री संघ में सामुहिक सिद्धितप आराधना को लेकर अत्यधिक उत्साह है।
श्री धर्मदास युवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नीरजजी मूणत पुज्य श्री के दर्शन के लिए मेघनगर पधारे आपने सामूहिक सिद्धितप तपआराधना महोत्सव की प्रशंसा की
आज की प्रभावना श्री अणु जिनेन्द्र कृपा मंडल मेघनगर द्वारा वितरित की गई।
कार्यक्रम का संचालन विपुल धोका ने किया।





