तारकेश्वर महादेव मंदिर के बोरिंग तक पहुंचा केमिकल का दूषित पानी
रितिक शर्मा/जयेश झामर
कैमिकल फेक्ट्रियो से निकल रहा जहरीला पानी इंसानों,जीव जंतु व फसलों को कर रहा है बर्बाद
एंकर वॉइस, झाबुआ जिले के मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल युक्त पानी से इंसान ही नहीं पशु पक्षी पेड़ पौधे को भी सबसे अधिक नुकसान पहुंच रहा है केमिकल युक्त केमिकल प्लांट से निकलने वाला जहरीला पानी आसपास बसे गांव के ग्रामीण व मेघनगर शहर के लिए आफत बना हुआ जैसे ग्राम पंचायत आमली पठार हीरापुर फुट तलाव आदि गांव की जमीन इस केमिकल युक्त पानी से खराब बंजर हो रही है दूषित वायु से मानव शरीर को सिर से पैरों तक पहुंच रही है यह दिल व फेफड़ों की बीमारियां भी। पनप रही है इससे फेफड़ों का कैंसर भी शामिल है हम सास लेते हैं तो हवा के फैले हुए जहरीले सूक्ष्म कण शरीर मैं प्रवेश कर जाते हैं दमा खासी आदि बीमारियां उत्पन्न होती है वायु प्रदूषण से इसके जिम्मेदार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा पा रहे हैं मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में वर्तमान समय में 40 से 50 औद्योगिक इकाइयां संचालित है कुछ को छोड़ दे तो अधिकांश इकाइयों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक नहीं है लगा है नतीज न फैक्ट्री यो के गंदे पानी को खुले मैं जोड़ दिया जा रहा है नियम अनुसार फैक्ट्रियों का गंदा पानी फैक्ट्री से बाहर नहीं जाना चाहिए लेकिन कई फैक्ट्री। कई कम्पनी नियमों को ताक पर रख कर यह पानी बहार छोड़ रहे हैं इससे आसपास के क्षेत्रों में नुकसान हो रहा है गांव वालों का कहना है इससे संबंधित तमाम विभागों को जानकारी दी जा चुकी है लेकिन कोई भी कार्रवाई करने को तैयार नहीं प्रदूषण विभाग को कई बार शिकायत की गई लेकिन आज तक दूषित पानी को खुले में छोड़ ने वाली एक भी फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई
इनका कहना है
मेघनगर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर विनोद नायक का कहना है कि केमिकल के पानी और पादुषित हवा से चर्म रोग बाल झड़ना खासी और भी कई बीमारियां होती है






