
9 वर्ष की छोटी उम्र मे 9 उपवास के प्रत्याख्यान लेकर बाल तपस्वी हर्ष बड़ोला ने बढ़ाया मान
मेघनगर!मेघनगर चतुर्मास मे विराजित जिनशासन गौरव आचार्य भगवंत पूज्य उमेश मुनीजी म.सा. के शिष्य प्रवर्तक जिनेन्द्र मुनीजी म.सा. के आज्ञापालक संत अणुवत्स पूज्य संयत मुनीजी म.सा. आदि ठाना 4 के उदबोदन “एक कदम आत्मोत्थान की ओर…” को सार्थक करते हुए नगर मे धर्म की गंगा बह रही है श्रावक श्राविकाओं एवं विशेष बच्चों मे जप तप आराधना की होड़ सी लग गई इसी क्रम मे बाल तपस्वी मास्टर हर्ष विनोद बड़ोला ने आज 9 वर्ष की छोटी आयु मे 9 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किये इसी क्रम मे युवा तपस्वी कविद्र धोका ने 21 उपवास , नीलेश बड़ोला ने 9 उपवास, तप मे कई बड़े कीर्तिमान स्थापित कर चुके तप चकेश्वरी श्रीमती स्नेहलता जी वागरेचा ने 8 उपवास,
श्रीमती आयुषी ललवानी,दीपेश लूणिया,जयेश झामर ने 7 उपवास तथा कु.अन्वेशा गादीया, श्रीमती मंजू जी भण्डारी,श्रीमती सलोनी संघवी,कु.दर्शना नाहटा,कु. प्रीती धोका,सुमित ब्रिजवानी ने 6 उपवास के प्रत्याख्यान लिये ओर धर्मचक्र,सिद्धि तप,मेरु तप,वर्षीतप, एकासन मासखमण जैसी कई बड़ी तपस्या गतिमान है
चातुर्मास के प्रथम दिवस से उपवास,आयंबिल तेले तप की लड़ी निरन्तर गतिमान है जिनवाणी प्रतिदिन सुबह 9 से प्रारम्भ हो रही है जिसमें गुरु भगवंत द्वारा जीवन मे शांति कैसे मिले एवं धर्म का क्या महत्व है इस बारे मे आगमो के मध्यान से समझाया जा रहा है इस चतुर्मास मे छोटे बच्चे पूज्य अणुवत्स से प्रभावित होकर धर्म एवं तप आराधना मे विशेष रुचि लेते देखे जा रहे है निश्चित ये पांच माह का चतुर्मास विशेष उपलब्धियो को हासिल करता दिखाई दे रहा है।मास्टर हर्ष बड़ोला की तपस्या निमित दोपहर चोवीसी का आयोजन बड़ोला परिवार द्वारा श्री अणु स्वाध्याय भवन पर किया गया,झामर,वागरेचा सोनी,छाजेड़ परिवार द्वारा बाल तपस्वी का बहुमान किया गया एवं प्रभावना अणु कृपा मंडल द्वारा वितरित की गई संचालन विपुल धोका द्वारा किया गया






