
शेखर खेमसरा ने 9 उपवास का पारणा किया
मेघनगर! सूर्य उदय और अस्त होने के साथ अपनी आयुष्य का एक हिस्सा समाप्त हो जाता है जो समय अधर्म करते बिता वो निसफल है धर्म में बिता समय ही सफल है दुसरो को देख मत बिगाड़ो अपनी शान… दूसरे ने क्या किया, उसे क्या करना चाहिये ऐसी जानकारियों में समय और अपनी शान नहीं खोना सबको अपने अपने कर्मो को भुगतना है इसलिये हमें दूसरों की अच्छाईया और अपनी बुराई देखना चाहिये
पुत्र के फेल होने पर नाराज पिता ने पुत्र से पूछा की की फेल कैसे हुआ तो वो बोला परीक्षा के समय आगे बैठने वाले की गलती से फेल हुआ क्योंकि उसे कुछ आता नहीं था
हर समय अपनी प्रशंसा करने वाला निंदा का शिकार हो जाता है
उक्त उदगार महापर्व पर्युषण के चौथे दिन पूज्य संयत मुनीजी ने कहे निरंतर तपस्या के क्रम में शेखर खेमसरा के 9 उपवास का पारणा हुआ आगे गतिमान तपस्या में डूंगर मालवा की शान तप सिंहनी स्नेहलता जी वागरेचा ने 78, प्रेमलता जैन 13,तुषार बडोला 11, सौरभ ललवानी 10 दीप्ती रवि छाजेड 7, मोनिका हिमांशु ललवानी, मयूर ललवानी, नयांश सौरभ खेमसरा, ख़ुशी चौरड़िया 6उपवास, अमित पिचा, हितेश चौराड़िया 4 उपवास के प्रत्याख्यान लिये
20 एवं 21 सितंबर को होने वाले सामूहिक सिद्धि तप के 81 तपस्वीयो के पारने में विभिन्न महानुभव द्वारा दान राशि की घोषणा की गई प्रभावना का लाभ लिमड़ी निवासी सुश्रावक ने लिया संचालन विपुल धोका नें किया






