
मेघनगर!(रीतिक शर्मा /जयेश झामर)
शिक्षा के क्षेत्र मे शिक्षक का योगदान महत्वपूर्ण होता है किसी भी राज्य की समृद्धि एवं विकास के लिए शिक्षा का सुचारु होना जरूरी है ऐसे मे शिक्षा की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले शिक्षकों को उनके हक के अधिकारों से वंचित रखा जाये तो उसका सीधा नुकसान शिक्षा पर पढ़ेगा अपने हक के लिए अगर पूरे प्रदेश के शिक्षक एक जुट होकर आंदोलन करे तो यक़ीनन प्रदेश पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है क्योकि शिक्षा मानव जीवन की महत्वपूर्ण कड़ी है ऐसे मे सरकार अगर मध्यस्थता करे तो वर्तमान समस्या का हल निकल सकता है
आखिर किन किन मांगो को लेकर हड़ताल पर उतरे आजाद शिक्षक संगठन
यह है मांगे
– अतिथि शिक्षक कैडर खत्म कर नए कैडर में शामिल किया जाए।
– अनुकंपा के लंबित मामले पर जल्द कार्रवाई की जाए।
– 2005 के बाद सेवा में आए कर्मचारियों के लिए भी पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
– विभागों में आपसी तालमेल नहीं होने से चार साल से क्रमोन्नति यानी समयमान वेतनमान का लाभ नहीं मिलने की गड़बड़ी दूर की जाए।





