आधुनिक वातावरण मे संस्कारो को सुरक्षित रखना चुनौती है- पूज्य संयत मुनि
रितिक शर्मा/जयेश झामर

130 तपस्वी सामूहिक एकासन तप में शामिल हुए
मेघनगर! रविवार बच्चों को सुसंस्कार का विशेष पाठ अनुस्वाध्याय भवन वर्षावास हेतु विराजित अणुवत्स पूज्य संयत मुनीजी एवं सुभेशमुनिजि द्वारा बताया गया ये संसार कर्मो के कारण चल रहा है जब आत्मा कर्मो से पूर्ण रूप से अलग हो जायेगी तब मोक्ष प्राप्त हो जायेगा परन्तु जीव इच्छाओ की पूर्ति मे लगा हुआ है इच्छा दुःख को जन्म देती है भौतिक सुख सुविधाओं एवं पद,प्रतिष्ठा,मान सम्मान की आशक्ति बढ़ने के चलते जीव दुःखी बना हुआ है आजकल कुसँस्कार इतने शीघ्र आ रहे है की सुसंस्कारो को बचाना मुश्किल हो गया है मित्र बनाना अच्छा है प्रतिदिन अपरिचित फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है परन्तु सावधानी से संस्कारवान मित्र ही बनाना चाहिये अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है वर्तमान नहीं सुधरा तो भविष्य निश्चित ही बिगड़ेगा फ़ैशन के नाम पर कपड़ो का गलत चयन हो रहा है इनके पीछे पागल नही होना चाहिये मुनि भगवंत द्वारा प्रतिदिन भगवान की कही बात बताई जा रही है एवं धर्म से सभी जुड़े ऐसी शिक्षा धर्मसभा के माध्यम से दी जा रही है जिससे प्रेरित हो कर विशेष तप आराधना संघ में चल रही है।श्रीमती स्नेहलता जी वागरेचा ने 24,श्रीमती प्रीति जी धोका,कु दर्शना जी नाहटा, सुमितजी ब्रिजवानी ने 22 उपवास के प्रत्यख्यान ग्रहण किये राजेन्द्रजी लुणावत,8,विनितजी भंडारी, श्रीमती उर्वशीजी नांदेचा 7 उपवास,कमलेशजी भंडारी,अर्पितजी सोनी, श्रीमती अर्पिताजी सोनी 6 उपवास, सुनीलजी पावेचा, श्रीमती कुसुमजी काँठी श्रीमती सीमाजी जैन , कु सिद्धि वागरेचा,5 उपवास के प्रत्यख्यान ग्रहण किये।सतरंगी तप में कई तपश्वि तेले, बेले उपवास तप की आराधना कर रहे है। आज सतरंगी तप आराधना पूर्ण हो रही है सतरंगी तप करने वाले को हसमुखलालजी मिश्रीमल जी वागरेचा परिवार द्वारा चांदी के सिक्के की प्रभावना वितरित की गई।प्रवचन की प्रभावना श्री अणु जिनेन्द्र कृपा मंडल मेघनगर द्वारा वितरित की गई।बच्चों का रविवारीय चतुर्थ शिविर का आयोजन किया गया श्री संघ द्वारा बच्चों को शिविर के बाद स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई।करीब 130 सामुहिक एकासन तप की आराधना हुई ।एकासन के लाभार्थी श्रीमती विमलादेवी कविन्द्रजी जैन परिवार मेघनगर।रविवार पुज्य श्री के दर्शन वंदन के लिए लिमडी से 40 बच्चे पाठशाला के पधारे साथ ही अणु जिनेन्द्र मंडल लिमडी के श्रावक, श्राविका भी दर्शन हेतु पधारें, खवासा, कुशलगढ़, बदनावर, सारंगपुर, थांदला, रंभापुर, कई श्री संघ के सदस्य मेघनगर पधारे।
संचालन विपुल धोका ने किया






