

मेघनगर । मेघनगर स्थानकवासी श्री जैन श्वेतांबर संघ का एक अस्सी सदस्यीय दल एक विशेष दर्शन यात्रा पर राजस्थान के कोटा शहर पहुँचा। इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य कोटा में – विराजमान पूज्य श्री गिरीशमुनिजी महाराज एवं पूज्य श्री अमृतमुनिजी महाराज सा के दर्शनों का पुण्यलाभ प्राप्त करना, सांवत्सरिक क्षमा याचना करना तथा शेषकाल के लिए मेघनगर स्पर्शना की विनती करना था।
गुरुवार को कोटा पहुँचने पर श्रद्धालु दल ने सर्वप्रथम पूज्य मुनियों के श्री चरणों में दर्शन, वंदन करते हुए अपने आध्यात्मिक जीवन को धन्य किया। इसके पश्चात, मुनिश्री के मंगल प्रवचनों को सुनकर उपस्थित जनसमूह ने जीवन के गूढ़ रहस्यों और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त की। कोटा में व्यतीत किया गया यह समय सभी के लिए अत्यंत कल्याणकारी एवं मार्गदर्शक साबित हुआ।
अगले दिन, शुक्रवार को यह दल आध्यात्मिक यात्रा के अगले पड़ाव सिंगोली पहुँचा। यहाँ पर विदुषी पूज्या श्री रेणुजी आदि ठाणा के दर्शन वंदन कर ज्ञानचर्चा में भाग लिया। इस पावन अवसर पर संघ के सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से सांवत्सरिक क्षमा याचना की, जो जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण अंग है।
इस क्रिया के माध्यम से उन्होंने वर्षभर में हुई सभी तरह की भूल-चूक के लिए क्षमा माँगी और आगे के समय के लिए शुभभावनाएँ व्यक्त कीं। साथ ही, उन्होंने मुनिश्री एवं सतिमण्डल से शेषकाल के लिए मेघनगर स्पर्शना की विनती भी की।
इस यात्रा में सकल जैन श्रीसंघ मेघनगर के अध्यक्ष श्री सुरेशचंद जैन मांगीलाल खेमसरा यशवंत बाफना, सुभाषचंद झामर, सुरेंद्र कटारिया, विनोद बाफना, वर्धमान मेहता संजय वागरेचा सहित संघ के अन्य गणमान्य सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस आयोजन ने न केवल सभी प्रतिभागियों के आध्यात्मिक जीवन को नई उर्जा प्रदान की किया, बल्कि श्रीसंघ की सामूहिक भावना और धार्मिक एकता को भी मजबूती प्रदान की। यह यात्रा सभी के लिए एक अविस्मरणीय और पुण्यदायी अनुभव साबित हुई।





