धर्म से भौतिक फल की इच्छा हो तो श्रद्धा गड़बड़ायेगी-पुज्य शुभेशमुनिजी म.सा
रितिक शर्मा/जयेश झामर

मेघनगर!चतुर्मास काल के दौरान प्रतिदिन भगवान की वाणी पूज्य गुरुभागवंतो के मुखरबिंद से श्रवण करवाई जा रही है पूज्य शुभेश मुनीजी म.सा. ने अपने उद्बोधन मे फरमाया उसका सार हमे भगवान को प्राप्त करना है भगवान से प्राप्त नहीं करना इस भाव से अगर धर्म आराधना करेंगे तो हमारी श्रद्धा धर्म पर टिकेगी अगर भौतिक सुख सुविधाओं के लिये भगवान की उपासना करेंगे तो श्रद्धा गड़बड़ायेगी मन को धर्म मे लगाएंगे तो कर्मो की निर्जरा होगी एक उदहारण दे कर बताया की माता पिता का एक्सीडेंट मे स्वर्गवास होने पर पुत्र बोला नित्य धर्म आराधना करने पर भी धर्म उन्हे नहीं बचा पाया ओर उसकी धर्म के प्रति श्रद्धा गड़बड़ा गई परन्तु पूर्व के कर्मो का फल यही भोगना है ये ज्ञात ना होने पर जीव धर्म को दोष देता हैकई श्री संघों से भक्त गण पुज्य श्री के दर्शन हेतु पधार रहे है। सभी के आतिथ्य सत्कार की व्यवस्था श्री संघ द्वारा श्री महावीर भवन पर की गई है,वर्षावास के दौरान कई तपस्या गतिमान है युवा तपस्वी कविद्र धोका ने 28 उपवास,नीलेश बड़ोला ने16उपवास,तप मे कई बड़े कीर्तिमान स्थापित कर चुके तप चकेश्वरी श्रीमती स्नेहलता जी वागरेचा ने 15 उपवास,,दीपेश लूणिया,जयेश झामर ने 14 उपवास तथा कु.अन्वेशा गादीया, श्रीमती मंजू जी भण्डारी,,कु.दर्शना नाहटा,कु. प्रीती धोका,सुमित ब्रिजवानी ने 14उपवास के प्रत्याख्यान लिये ओर धर्मचक्र,सिद्धि तप,मेरु तप,वर्षीतप, एकासन मासखमण जैसी कई बड़ी तपस्या गतिमान हैचातुर्मास के प्रथम दिवस से उपवास,आयंबिल तेले तप की लड़ी निरन्तर गतिमान है व्याख्यान का समय प्रतिदिन सुबह 9 बजे से है । परम पूज्य आचार्य आनंद ऋषीजी म.सा. की पुण्य तिथि पर संघ द्वारा सोमवार को सामूहिक एकसान तप करवाये जाएंगे व्याख्यान की प्रभावना श्री अणु जिनेन्द्र कृपा मण्डल द्वारा वितरित की गई संचालन विपुल धोका द्वारा किया






