
मेघनगर।
नगर में ज्ञानतत्व तपोमय चातुर्मास हेतु विराजित पुण्य सम्राट गुरुदेव श्रीमद विजय जयंतसेन सुरीश्वरजी महाराजा के पट्टधर गच्छाधिपति श्रीमद नित्यसेन सुरीश्वरजी एवं आचार्य जयरत्न सुरीश्वरजी की आज्ञानुवर्ती, एवम् पूज्य गुरुमैया श्री स्नेहलताश्रीजी महाराज साहब की सुशिष्या साध्वीश्री तत्वलताश्रीजी महाराज साहब आदि ठाणा 4 की पुनीत निश्रा में मेघनगर श्रीसंघ में तप आराधना का शंखनाद पुण्य सम्राट गुरुदेव की 87वी मासिक पुण्यतिथि के शुभ दिन दिनांक 27 जुलाई 2024 से होने जा रहा है।
जिसमे साध्वीजी भगवंत की प्रेरणा से 100 दिवसीय श्री भद्रतप आराधना एवं 45 दिवसीय श्री सिद्धितप आराधना का आयोजन किया जा रहा है।
जानकारी देते हुए श्रीसंघ अध्यक्ष शांतिलाल लोढ़ा एवं ट्रस्ट अध्यक्ष मनोहर चोरडिया ने बताया कि, इस महातप आराधना में जुड़ने हेतु पूज्य साध्वीजी ने सकल संघ के घरों में प्रेरणा की है और श्रीसंघ के परिवारों ने भी अपार उत्साह के साथ महातप में जुड़ने हेतु अपने नाम लिखे है।
ट्रस्टी रजत कावड़िया एवं परिषद अध्यक्ष देवेंद्र जैन ने बताया कि दोनो महातप आराधना के तपस्वियों के सामूहिक बियाशना की सुंदरतम व्यवस्था श्रीसंघ एवम परिषद द्वारा की जा रही है। तपस्या के तपस्वियों द्वारा दिनांक 26 जुलाई को तपस्या के कलश भरने का विधान संपन्न किया जाएगा और दिनांक 27 इन दोनो महातप आराधना का शुभारंभ विधिविधान के साथ होगा।
साथ ही बताया कि सामूहिक सिद्धितप् की पूर्णाहुति पर्युषण महापर्व के साथ होगी तो, श्री भद्रतप की पूर्णाहुति दीपावली के पश्चात होगी।
प्रतिदिन पूज्य साध्वीजी के मुखारविंद से मंगलमय प्रवचन का आयोजन हो रहा है, जिसमे समाजजन बढ़-चढ़कर लाभ ले रहे है, तो वही, वैयावच्च, सेवा, पाठशाला, शिविर, साधर्मिक भक्ति आदि के संचालन में नवयुवक, महिला, तरुण एवं बालिका परिषद द्वारा लाभ लिया जा रहा है।





