*डॉ. हंसादीप कनाडा में झाबुआ की राजदूत – मुख्यमंत्री डॉ.यादव
रितिक शर्मा/जयेश झामर

डॉ. हंसादीप कनाडा में झाबुआ की राजदूत – मुख्यमंत्री डॉ.यादव
मेघनगर!
हिंदी दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी के रवींद्र भवन में राष्ट्रीय हिंदी भाषा सम्मान अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी भाषा के साहित्य सृजन में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए देश और दुनिया के लब्धप्रतिष्ठित लेखकों को सम्मानित किया। मप्र शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सम्बोधित करते हुए कहा कि हिन्दी हमारी स्वतंत्रता, सम्मान, स्वाभिमान एवं गौरव की भाषा है। हमारी संस्कृति की पहचान है। हमारी सभ्यता की साक्षी है। भारत, भाषाओं का गुलदस्ता और हिन्दी, सभी भाषाओं की आधार कड़ी है।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय व्यंग्यकार धर्मपाल महेंद्र जैन भी टोरंटो (कनाडा) से विशेष रूप से उपस्थित रहे ।
इन्हें किया सम्मानित
वर्ष 2022 का राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान , वर्तमान में टोरंटो (कनाडा ) निवासी डा.हंसा दीप एवं 2023 का डा. अनुराग शर्मा, पेंसिलवेनिया (अमेरिका) को प्रदान किया गया । अतिला कोतलावल (श्रीलंका), दागमार मारकोवा (चेक गणराज्य) , डा. कृष्ण कुमार मिश्र (मुम्बई), देवेन्द्र मेवाड़ी (नई दिल्ली) , डा. दामोदर खड़से (पुणे) , डा. मनमोहन सहगल, डिजिटल इंडिया भाषिनी संस्थान (नई दिल्ली) , अमकेश्वर मिश्रा (भोपाल) ( एक संस्था और नौ हिंदी सेवियों) को वर्ष 2022 और वर्ष 2023 के लिए पांच-पांच लाख रुपये की राशि के राष्ट्रीय पुरस्कार , कुल 10 पुरस्कारों से सम्मानित किया गया ।
कवियों ने सुनाई रचनाएं–
अलंकरण समारोह के बाद आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में डॉ. राहुल अवस्थी-बरेली, आशीष अनल-लखीमपुर खीरी, अनु सपन-भोपाल, सुदीप भोला-जबलपुर, अमन अक्षर-इन्दौर, श्वेता सिंह-बड़ोदरा, मनु वैशाली-नई दिल्ली, श्रृद्धा शौर्य-नागपुर और रामकिशोर उपाध्याय-ग्वालियर ने कविता पाठ किया
राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान वर्ष 2022
डॉ. हंसा दीप , टोरंटो (कनाडा),
डॉ. हंसा दीप का जन्म मेघनगर (झाबुआ, म.प्र.) में हुआ है। आपने हिन्दी विषय में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की हैं। वर्तमान में आप यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो में प्राध्यापक के पद पर पदस्थ है। पूर्व में आप न्यूयॉर्क और अमेरिका की सुप्रसिद्ध संस्थाओं में हिन्दी शिक्षण तथा यॉर्क विश्वविद्यालय, टोरंटो में हिन्दी कोर्स डायरेक्टर के पद पर कार्य कर चुकी हैं। डॉ. हंसा दीप का लोक साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है।
लोक साहित्य पर आपकी एक महत्वपूर्ण पुस्तक ‘सौंधवाड़ी लोक धरोहर’ प्रकाशित है, जिसे काफी सराहा गया है। इसके अतिरिक्त आपके द्वारा लिखित उपन्यासों में ‘बंद मुट्ठी’, ‘कुबेर’, ‘केसरिया बालम’ एवं ‘कांच के घर’ शामिल हैं। इनमें से ‘बंद मुट्ठी’ गुजरती एवं ‘केसरिया बालम’ मराठी भाषा में अनूदित है। आपके कुल 8 कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। आपके द्वारा सम्पादित कहानियों के संग्रहों में भी आपकी साहित्यिक प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन होता है। मराठी, पंजाबी, बांग्ला, तमिल एवं उर्दू की पत्र-पत्रिकाओं में आपकी अनुवादित रचनाएँ निरंतर प्रकाशित होती रहती हैं।
पंजाबी में अनूदित आपका कहानी संग्रह पूरन विराम तों पहिलां एवं मराठी में दो कहानी संग्रह – आणि शेवटी तात्पर्य एवं मन गाभन्यातील शिल्पे है। कई सुप्रतिष्ठित रचनाओं एवं पत्रिकाओं का संपादन आपके द्वारा किया गया है जिसमें कनाडा की चयनित रचनाएँ, विश्वरंग भोपाल, कथारंग, शब्द घोष पत्रिका के प्रवासी विशेषांक, अंतरदेश पत्रिका के कनाडा विशेषांक शामिल है, इसके साथ ही आपने कैनेडियन विश्वविद्यालयों में हिन्दी छात्रों के लिए अंग्रेजी, हिन्दी पाठ्यपुस्तकों के कई संस्करण प्रकाशित कराये है। आपकी पत्रिकाओं के संपादक मंडल में रचना उत्सव, अंतरदेश, समकालीन हस्तक्षेप, शब्द घोष शामिल हैं। आपने कई सुप्रतिष्ठित अंग्रेजी फिल्मों में सब टाइटल्स का अनुवाद भी किया है।
भारत, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, सिंगापुर की प्रमुख हिन्दी एवं अंग्रेजी पत्रिकाएँ जैसे की हंस, वनमाली, नया ज्ञानोदय, कथादेश, वागर्थ, इंद्रप्रस्थ भारती, पाखी, सेतु, सौरभ, चेतना, पुरवाई के अलावा कई पत्र-पत्रिकाओं में भी आपकी कहानियाँ निरंतर प्रकाशित होती रही है। आपको कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, जिसमें – कथारंग सृजन सम्मान, जयपुर साहित्य सम्मान, पुरवाई कथा सम्मान, शांति गया सम्मान, धनपति देवी स्मृति- कथा साहित्य सम्मान आदि शामिल हैं। साथ ही आप विश्व हिन्दी सचिवालय, मॉरीशस अन्तरराष्ट्रीय रिपोर्ताज 2023 से भी पुरस्कृत हैं।
मध्यप्रदेश शासन डॉ. हंसा दीप को विदेश में हिन्दी भाषा के विकास, विस्तार और संवाद के लिए किये गये सार्थक एवं निरन्तर प्रयत्नों हेतु आप्रवासी भारतीयों के लिए स्थापित राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान वर्ष 2022 से सादर विभूषित करता है।
समारोह में हिंदी सेवा के लिए सम्मानित डॉ. हंसा दीप टोरंटो (कनाडा) ने कहा कि भारत मेरी जन्मभूमि है, जिसे मैं स्वर्ग जैसा मानती हूँ। आज मध्यप्रदेश सरकार द्वारा म.प्र. (झाबुआ) की बेटी को जो मान-सम्मान मिला है, उसके लिए धन्यवाद ज्ञापित करती हूँ। उन्होंने कहा कि हिंदी ने वैश्विक पटल पर यात्रा जारी रखी है। मध्यप्रदेश सरकार की पहचान हिंदी में कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने वाले राज्यों में है। आज इस बात की खुशी है कि मेरे लेखन और अनुवाद कार्य को सम्मान मिला है।






