
यश नाम कर्म के उदय से प्रशंसा बढ़ती है-संयत मुनिजी
मेघनगर!महापुरुषों का जीवन प्रेरणादाई होता है इसलिये हमेशा उनके जीवन को याद किया जाता है ऐसे ही धर्मदास संप्रदाय के करुणामूर्ति सलाहकार पूज्य रूपेंद्र मुनीजी महाराज साहब की 25वीं पुण्य तिथी भादवा सुदी12 पर 111सामूहिक एकासन का आयोजन श्री वर्धमान श्रावक संघ द्वारा महावीर भवन पर किया सुबह प्रवचन के दौरान उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए अणु स्वाध्याय भवन में विराजित पूज्य संयत मुनिजी म सा ने फरमाया की उन्होंने हमेशा दूसरो को आगे बड़ाने का प्रयास किया कम उम्र में पिता का कालधर्म होने के पश्चात माता ने दोनो पुत्रो को संयम पथ पर अग्रसर किया बड़े भ्राता सुरेंद्र मुनीजी को पहले दीक्षा दिलाई पश्चात रूपेंद्र मुनीजी एवम बहन सहित मासी की लड़की एवम माताजी ने भी दीक्षा ग्रहण की आगर(मालवा) निवासी थे आपकी दीक्षा गुजरात के कतवारा(दाहोद) में सम्पन्न हुई थी बचपन से सुरेंद्र मुनीजी चंचल एवम रूपेंद्र मुनीजी सरल थे दीक्षा पश्चात ज्ञान ध्यान में विशेष ध्यान दिया अपने ज्ञान का कभी अभिमान नहीं किया पूज्य आचार्य भगवंत उमेश मुनीजी की प्रसिद्धि में सहायक बने दोनो में विशेष प्रेम था उनकी सलाह थी व्याख्यान को कर्तव्य समझ कर देना अच्छा वक्ता बनू ये नही समझना इतने समय से में जो बोल रहा हु ये सब उनकी कृपा है उनका संघ के प्रति बहुत उपकार था उनके गुणों का जितना बखान करे वो कम है उनके इर्ष्या के भाव नहीं अपितु सबको आगे बड़ाने के भाव थे
प्रवचन के माध्यम से पूज्य शुभेष मुनीजी एवम अनुवत्स संयत मुनीजी जी द्वारा पूज्य रूपेंद्र मुनीजी के गुणों का धर्मसभा में बखान किया
सुश्रावक विकास बाफना द्वारा जय रूपेंद्र स्तवन की प्रस्तुति दीगई वरिष्ठ श्रावक रवि सुराना ने धर्मसभा में पूज्य के जीवन से आधारित घटना बताई
प्रभावना अणु जिनेन्द्र मंडल ने वितरित की संचालन विपुल धोका ने किया





