सभी के प्रति सोच सकारात्मक एवं व्यवहार अच्छा होना चाहिये-शुभेष मुनिजी
रितिक शर्मा/जयेश झामर

तपस्या में कई कीर्तिमान स्थापित कर चुकी तप चकेश्वरी ने 31 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किये
मेघनगर! रविवार को बच्चों के लिये विशेष प्रवचन में मुनिजी ने फरमाया भगवान ने भव्य जीवो को संसार के प्रवाह से उल्टा चलने का उपदेश्य दिया है उल्टा चलना मतलब संयम की ओर चलना संसार के प्रवाह में चलना तो सरल है अपितु संयम में जाना हो तो मेहनत करनी पड़ेगी जीव देखा देखी जल्दी सिख लेता है परन्तु जो सीखना है वो नही सीखता उदहारण के लिये रामायण सभी ने देखी उसमे तीर चलाना सभी बच्चे सिख गये पर रामायण से जो संस्कार एवं शिक्षा लेनी थी वो कितनो ने ली? कितने अपने माता पिता के चरण स्पर्श रोज करते है? आज से 20 वर्ष पूर्व प्री वेडिंग कोई समझता नही था अब ये प्रचलन खूब चल गया है इसके दुष परिणाम भी सामने आ रहे है संसार में दिखावा बहुत है दिखावे के कारण ईर्ष्या जन्म ले रही है जो घातक है सदा जिनेश्वर भगवान के मुखारबिंद से निकली वाणी सुनना ओर हमेशा अपना व्यवहार अच्छा रखना चाहिये कितना भी दुःख आ जाये अपनी सोच सकारात्मक रखना चाहिये अपने शब्दों से ही अपने जीवन की पहचान हो जाती है धर्मसभा में आज तप चकेश्वरी स्नेहलता जी वागरेचा ने 31 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किये कु.सिद्धि वागरेचा के तप निमित्त हँसमुखलालजी मिश्रीमलजी वागरेचा परिवार ने सामूहिक एकासन का आयोजन महावीर भवन भोजनशाला पर किया गया जिसमें लगभग 151 तपस्वियों ने सामूहिक एकासन तप की आराधना की सामूहिक एकासन की प्रभावना का लाभ वागरेचा परिवार ने लिया श्री संघ में कई तपस्या गतिमान है बच्चों के लिये प्रति रविवार संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है प्रवचन की प्रभावना श्री अणु जिनेन्द्र कृपा मंडल द्वारा विररित की गई कार्यक्रम का सफल संचालन विपुल धोका ने किया






