

झाबुआ जिले के मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में संचालित केमिकल कारखाने से निकलने वाले प्रदुषित पानी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्यापत है। बुधवार को स्थानीय ग्रामीनों ने रतलाम-झाबुआ स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर प्रशासन से इन केमिकल कालखानों को बंद करने की मांग की।
करीब 3 घंटे चले चक्का जाम के बाद दोपहर 2.30 बजे बारिश के चलते ग्रामीण सडक से से हट गए। उन्होंने प्रशासन के प्रतिनिधि मेघनगर और झाबुआ एसडीएम से केमिकल कारखाने की जांच कर उन्हें बंद करने की मांग की। सात दिनों में केमिकल कारखाने पर प्रभावी कार्यवाही न होने पर एमपीआईडीसी द्वारा अनास नदी से मेघनगर के कारखाने में सप्लाई हो रहे पानी की पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। ग्रामीण पहले भी इस मार्ग पर चक्काजाम कर विरोध-प्रदर्शन कर चुके हैं। कई बार केमिकल कारखाने के विरुद्ध आंदोलन किएजा चुके हैं, मगर गारिये नाले सहित अन्य स्थानों पर बहने वाले लाल पानी की समस्या जस की तस है।
रतलाम-झाबुआ स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। जिस कारण इस मार्ग के दोनों ओर 3 घंटे से अधिक समय वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकी। जाम की जानकारी मिलते ही मौके पर मेघनगर थाना सहित कल्याणपुर और अंतरवलिया चौकी का पुलिस बल तैनात किया गया। मौके पर झाबुआ एसडीओपी ओर थांदला एसडीओ सहित मेघनगर ओर झाबुआ के एसडीएम ने मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों सहित प्रशासनिक अवसरों ने विरोध-प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को कई बार समझाने की कोशिश कई मगर वह अपनी बात पर अडिग नजर आए। हालांकि दोपहर 2.30 बजे हुई बारिश के बाद चक्काजाम में बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शामिल लोग हट गए। इसके बाद वाहनों की
जिला प्रशासन के खिलाफ लगे नारे
गारिये नाले पर चक्काजाम कर रहे विरोध-प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चक्काजाम के चलते मेघनगर और झाबुआ मार्ग सैकड़ों वाहनों का लंबा जाम लग गया। जाम में स्कूल बसें भी फंसी रहीं, जिस कारण छोटे- छोटे स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आवाजाही सुचारू रूप से चालू हो गई। अधिकारियों ने दिया जांच का आश्वासन मौके पर एमपीआईडीसी के स्थानीय अधिकारी और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड अधिकारियों सहित मेघनगर एसडीएम मुकेश सोनी ने ग्रामीणों को औद्योगिक क्षेत्र में संचालित हो रही केमिकल इकाइयों की जांच कर प्रभावी कार्यवाही का आश्वासन दिया। जिसके बाद नाराज प्रदर्शनकारी शांत हुए।
पाइपलाइन तोड़ने की दी धमकी- विरोध-प्रदर्शन कर रहे अंतरराष्ट्रीय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं ने आगामी 7 दिनों में केमिकल कारखाने पर प्रभावी कार्यवाही न होने पर एमपीआईडीसी द्वारा अनास नदी से मेघनगर तक बिछाई गई पानी की पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त करने की धमकी दी है।
यात्री बसों ने बदला रूट
जाम न खुलने की स्थिति में इस रूट पर चलने वाली यात्री बसों सहित दोपहिया और कार चालकों ने मेघनगर शहर के भीतर के तालाब फलिया होते हुए ज्ञायड़ा से रास्ते आवागमन किया।
जांच कर कार्रवाई करेंगे
एसडीएम मुकेश सोनी ने बताया कि ग्रामीणों ने अपनी शिकायत बताई है, जिसे प्रशासन गंभीरता से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से जांच कराएगा। सभी केमिकल कारखाने की जांच के बाद जो भी रिपोर्ट आएगी उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।





